महाशिवरात्रि , पूजा एवं मुहूर्त

महाशिवरात्रि , पूजा एवं मुहूर्त - दोस्तों भगवन शिव और माता पारवती के मिलन के त्यौहार को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। आज हम इस लेख महाशिवरात्रि पूजा एवं मुहूर्त में शिवरात्रि का संक्षिप्त विवरण जानेंगे।

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हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर साल फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दसी तिथि को महाशिवरात्रि का पवन पर्व मनाया जाता है। इसी दिन भगवन शिव जी और माता पारवती जी का विवाह हुआ था। इस दिन करोडो शिव भक्त उपवास रखते हैं , एवं विधिवत पूजा अर्चना भी करते हैं। मान्यता के अनुसार , भगवन शिव दुनियाभर के हर शिवलिंग में वराजमान होते हैं। इसी कारन , शिवरात्रि के दिन की गयी शिव जी की उपासना कई गुना फल प्रदान करती है।

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. भक्त अक्सर इस दिन उपवास रखते हैं, और शिवलिंग को दूध, शहद और पानी से स्नान कराते हैं और भगवान को फूल और बेल के पत्ते चढ़ाते हैं। 

 उपवास रखने के लिए सुबह नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगा जल एवं काले तिल मिलाकर स्नान कर ले , तत्पश्चात भगवन सूर्यदेव को जल अर्पित करें , पूजा स्थल पर पूजा करें , शिवलिंग की पूजा करें एवं व्रत का संकल्प लें।

 गया के वैदिक पाठशाला के पंडित राजा आचार्य ने न्कहा कि, महाशिवरात्रि पर व्रत रखने वाले लोगों को लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए |उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को इस दिन सफेद नमक लेने से बचना चाहिए। उन्होंने भक्तों से चावल, गेहूं, जौ, बाजरा, मक्का, मूंगफली, चना, राजमा और मटर जैसे अनाज नहीं खाने का भी आग्रह किया। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि उपवास पूरे दिन के लिए मनाया जाता है। 




 पंडित ने आगे कहा कि महाशिवरात्रि का व्रत सूर्योदय से पहले स्नान करने और भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करने के बाद रखा जा सकता है। पूरे दिन व्रत रखने का संकल्प लेना चाहिए। लेकिन, अगर आप बीमार हैं, तो विशेषज्ञ कुछ फल खाने का सुझाव देते हैं। देश भर में, महाशिवरात्रि अत्यंत धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई जाती है। व्रत रखने के अलावा, भक्त ध्यान करते हैं, शिव मंदिरों में जाते हैं, मंत्रों का पाठ करते हैं और भगवान की प्रार्थना करते हैं।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महा शिवरात्रि शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करने का समय है। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से उनके एक पाप का निवारण होता है और भगवान का आशीर्वाद मिलता है।

 तिथि एवं मुहूर्त - 


 8 मार्च दिन शुक्रवार - श्याम 9 : 57 से 9 मार्च दिन शनिवार -श्याम 6 :17 PM

 विशेष रूप से शिव जी पूजा श्याम के समय प्रदोष काल में की जाती है।

 पूजा के लिए चार पहर निर्धारित है, 


 प्रथम - श्याम 6 : 25 से 9 : 28 PM तक 
 द्वितीया -8 मार्च रात - 9 : 28 से 9 मार्च रात - 12 : 31 AM तक 
 तृतीय - 9 मार्च रात - 12 : 31 AM से , रात 3 : 34 Am तक
 चतुर्थ पहर - रात 3 : 34 Am से , सुबह 6 : 34 Am तक

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